Cloud Computing एक टर्म है जिसे हम रिमोट server के कलेक्शन के थ्रू नेटवर्क पे दिए जाने वाली सर्विसेज का जिक्र करने के लिए यूज़ करते है| क्लाउड कंप्यूटिंग एक ऐसे तकनीक है जिसमे हमें अपने computer पे हार्ड ड्राइव
की ज़रुरत नहीं होती है|आसान लफ्ज़ों में हम ये समझ सकते है के इस टेक्नोलॉजी में डेटा एक्सेस करने से ले कर डेटा स्टोर करने तक सारा कम नेटवर्क पे ही होता है| Cloud Computing एक बरा डिस्ट्रिब्यूटेड स्टोरेज प्रोवाइड करता  है जो की किसी भी इन्टरनेट कनेक्टेड डिवाइस जो ब्राउज़र पे रन करता है उसे एक्सेस कर सकता है|

Cloud Computing
क्लाउड कंप्यूटिंग एक तरह से इन्टरनेट बेस्ड कंप्यूटिंग है जिसमे computer और दुसरे डिवाइस को ज़रुरत परने पे रिसोर्सेज शेयर किया जाता है| यहाँ इनफॉर्मेशन को फिजिकल सर्वर पर स्‍टोर किया जाता हैं जिन्‍हे क्लाउड कंप्यूटिंग
प्रोवाइडर द्वारा मेन्टेन और कंट्रोल किया जाता हैं| हम अपने क्लाउड में स्टोर इनफार्मेशन को किसी भी लोकेशन पे एक्सेस कर सकते है और अपने किसी भी डिवाइस जैसे फ़ोन लैपटॉप आदि पे डाउनलोड कर सकते है| यहाँ पे हम ऑफिस से दूर माइक्रोसॉफ्ट और दुसरे प्रोजेक्ट फाइल्स को दुसरे यूजर के साथ एडिट भी कर सकते है|

हाई कंप्यूटिंग पावर, लो कॉस्‍ट सर्वीस, हाई परफॉरमेंस, स्केलेबल, एक्सेसिबिलिटी और अवेलेबिलिटी जैसे एडवांटेज की वजह से क्लाउड कंप्यूटिंग अब ज़्यादा डिमांड वाली सर्विस बन गयी है| हल में ही एक रिसर्च के मोताबिक क्लाउड पे 1024 petabyte डेटा अवेलेबल है|

Cloud Computing कम कैसे करता है

क्लाउड कंप्यूटिंग फिजिकल server पे इनफार्मेशन और सॉफ्टवेयर स्टोर के थ्रू काम करता है| इसे server प्रोवाइडर के थ्रू कंट्रोल किया जाते है| क्लाउड में दो लेयर होते है एक फ्रंट एंड और दूसरा बेक एंड| फ्रंट एंड लेयर वो लेयर है जिसको हमलोग देख सकते है और जिस के साथ हम इनट्रेक्ट करते है| जब कभी हम ईमेल भेजते है या अपने जीमेल पे कुछ करते है तो उस वक़्त हम फ्रंट एंड से इन्ट्रेक्ट करते है| और बैक एंड में हार्डवेयर और software का आर्किटेक्चर होता है| जो फ्रंट एंड को देखने में हमारी मदद करता है|

क्लाउड सर्विसेज के टाइप्स

इंफ्रास्ट्रक्चर एज ए सर्विस (IAAS): ये सर्विस ओन डिमांड इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोवाइड करती है जिसमे नेटवर्क स्टोरेज और कंप्यूटर शामिल है जो आपके work लोड को रन करती है| इसका यूज़ आप अपने बिज़नेस के लिए कर सकते है|

प्लेटफोर्म एज ए सर्विस (PAAS): यह एक क्लाउड बेस्ड एनवायरनमेंट है जिसका यूज़ हम डेवलप, रन, टेस्ट और मैनेज करने के लिए करते है| इन सर्विसों में वेब सर्वर,वेब टूल, डेटाबेस, execution, रन टाइम शामिल है| इसमें आप फ़ास्ट काम कर सकते है और एप्लीकेशन को जल्द रिलीज़ कर सकते है|

सॉफ्टवेयर एज ए सर्विस (SAAS): ये सर्विस छोटे बिज़नेस मैन द्वारा आम तौर पे यूज़ किया जाता है |इसमें रिमोट server पे होस्ट software का यूज़ शामिल है|ये वेब browser की मदद से एप्लीकेशन रन करता है| और आपके बिज़नेस के बहार के फाइल को स्टोर retrive या शेयर करता है|

Cloud सर्विसेज के उदाहरण

Amazon Web Services (AWS): amazon.com बहुत से डिफरेंट क्लाउड कंप्यूटिंग सर्विसेज प्रोवाइड करता है|

Google App Engine: एक ऐसी सेवा जो यूजर को Google के सर्विसेज का यूज़ करने वाली स्केलेबल वेब सेवाओं को बनाने की कैपबिलिटी प्रोवाइड करता है।

Microsoft OneDrive: पहले इसे skydrive के नाम से जाना जाता था| माइक्रोसॉफ्ट वनड्राइव windows 8
और 10 के यूजरज़ के लिए windows रिलेटेड फाइल्स डाक्यूमेंट्स को ऑनलाइन स्टोर करने के लिए बनाया गया है|
Google Calendar: यह एक way है जिस से आप अपने इवेंट को अपने दोस्तों के साथ organize, schedule, सिंक्रोनाइज़ और शेयर कर सकते है|